कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ कर रहे हैं, जो भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है, लेकिन इसके बावजूद सरकार की तरफ से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जयराम रमेश का बयान: भारत की सुरक्षा पर खतरा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ट्रंप का झुकाव पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर रुकने का नाम नहीं ले रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यही आसिम मुनीर हैं, जिनके भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि बने। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे व्यक्ति की खुलेआम तारीफ करना भारत के लिए खतरे की घंटी है।
व्हाइट हाउस में हुई मुलाकातों पर सवाल
कांग्रेस ने यह भी याद दिलाया कि 18 जून 2025 को ट्रंप ने आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर बुलाया था, जो अपने आप में अभूतपूर्व था। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को दोनों की दोबारा मुलाकात हुई, जहां मुनीर ने ट्रंप को रेयर अर्थ मिनरल्स का तोहफा दिया। कांग्रेस के मुताबिक ये घटनाएं अमेरिका-पाकिस्तान रिश्तों की गहराई को दिखाती हैं।
ट्रंप के बयान बने विवाद की वजह
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 13 अक्टूबर 2025 को मिस्र में ट्रंप ने आसिम मुनीर को “माय फेवरेट फील्ड मार्शल” कहा। इसके बाद 29 अक्टूबर को उन्हें “ग्रेट फाइटर” बताया गया और फिर 22 दिसंबर 2025 को ट्रंप ने मुनीर को “बेहद सम्मानित जनरल” कहा। कांग्रेस का कहना है कि ये बयान पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्लीन चिट देने जैसे हैं।
मोदी सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेरिका-पाकिस्तान की यह बढ़ती दोस्ती भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। पार्टी का कहना है कि पुलवामा जैसे आतंकी हमलों के सबूत होने के बावजूद पाकिस्तान को आज सराहा जा रहा है, जो चिंताजनक है। 26/11 के बाद पाकिस्तान जिस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब हुआ था, वैसी स्थिति आज नजर नहीं आ रही। कांग्रेस का सवाल है—आखिर मोदी सरकार इस पूरे मामले पर चुप क्यों है?





